एनआईए को सौंपी गई जांच, गृहमंत्री ने कहा—अपराधी कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम दहल उठी, जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक कार में जोरदार विस्फोट हो गया। इस भीषण धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि मामले में आतंकवादी साजिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। एनआईए ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “दिल्ली धमाके में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हमारी सुरक्षा एजेंसियां हर दोषी को कानून के कठघरे में खड़ा करेंगी।” शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह विस्फोट शाम के व्यस्त ट्रैफिक के दौरान हुआ। ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार अचानक धमाके के साथ फट गई, जिसकी चपेट में कई राहगीर और आसपास खड़ी गाड़ियाँ आ गईं। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।
सुरक्षा एजेंसियाँ अब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और फोरेंसिक टीमें कार के अवशेषों की जांच में जुटी हैं। गृह मंत्रालय ने कहा है कि जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से की जाएगी, ताकि इस जघन्य कृत्य के पीछे छिपे हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके।






