कफ सिरप रैकेट पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का हमला, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में नशीली और जानलेवा कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को लहुराबीर स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शहर में कफ सिरप का नेटवर्क तेजी से फल-फूल रहा है, जो कानून-व्यवस्था की विफलता ही नहीं बल्कि सत्ता संरक्षण का स्पष्ट संकेत है।
अजय राय ने कहा कि जब वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट जैसी सख्त व्यवस्था लागू है, तब भी जहरीली कफ सिरप का अवैध रैकेट सक्रिय कैसे है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस धंधे में सत्ताधारी दल के कई सफेदपोश नेता शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि दो महीने पहले एनएचआरसी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार से कफ सिरप से हुई मौतों की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन यूपी सरकार आज तक जवाब देने में विफल है। इसे उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण का नतीजा बताया।
अजय राय ने 15 नवंबर को दर्ज पहली एफआईआर और 19 नवंबर को दर्ज दूसरी एफआईआर के बीच के अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि—
पहली एफआईआर में आरोपी शुभम जायसवाल का पूरा विवरण मौजूद था, लेकिन दूसरी एफआईआर से वह जानकारी गायब है, जिससे राजनीतिक शरण मिलने का संदेह और गहरा होता है। उन्होंने ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी के अधिकारी नरेश मोहन को पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताते हुए तत्काल बर्खास्तगी की मांग की।
अजय राय ने सरकार द्वारा लागू किए गए एसआईआर सिस्टम को फतेहपुर, गोंडा और लखनऊ में हुई बीएलओ कर्मचारियों की मौतों का सीधा कारण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम “वोट प्रबंधन” नहीं बल्कि “घोटाले मॉडल” है, जिसमें कर्मचारियों पर इतना दबाव है कि वे आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि मृतक बीएलओ के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए तथा संबंधित अधिकारियों पर 302 के तहत मुकदमा दर्ज हो।
अजय राय ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, लूट, बलात्कार, जमीन कब्जा और अवैध खनन जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि “यदि प्रधानमंत्री के अपने संसदीय क्षेत्र में ही अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है तो प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।”
संविधान दिवस के अवसर पर उन्होंने संविधान की रक्षा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात दोहराई। साथ ही 26/11 मुंबई हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।





