संविधान दिवस पर ग्राम पंचायतों में आयोजित हुई विचार गोष्ठी, प्रस्तावना पढ़कर ली गई शपथ
वाराणसी। विकासखंड चोलापुर क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों—गरथौली, बहादुरपुर, धरसौना और बेला में बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को संविधान के महत्व, उसके मूल आदर्शों और दैनिक जीवन में उसकी उपयोगिता के प्रति जागरूक करना था।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने बताया कि संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है और यदि संविधान न होता तो समाज का स्वरूप कैसा होता। इसके बाद संविधान में दिए गए न्याय—सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय—की विस्तार से व्याख्या की गई। वर्तमान समय में इन आदर्शों का वास्तविक रूप कैसे दिखाई देता है, इस पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में बंधुता (Fraternity) के महत्व पर विशेष रूप से बात की गई। वक्ताओं ने बताया कि संविधान में बंधुता को इसलिए स्थान दिया गया है ताकि समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारा और एकता बनी रहे। यह भी चर्चा हुई कि आज के समय में बंधुता और भाईचारा कहां दिखाई देता है और इसे और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता क्यों है।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने संविधान की प्रस्तावना को एक साथ पढ़कर संविधान की रक्षा, उसके मूल्यों के पालन और समाज में सौहार्द बनाए रखने की शपथ ली।
कार्यक्रम में सूबेदार सीमा, निशा, झूला और फातिमा सहित कई महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। आयोजन महिला संगठन के द्वारा किया गया तथा जन विकास समिति ने इसमें सहयोग प्रदान किया।





