हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा देश, दुनिया में बढ़ रहा भारत का सम्मान
वाराणसी। बीएचयू के पत्रकारिता विभाग द्वारा शुक्रवार को वैदिक विज्ञान केंद्र में आयोजित ‘विकसित भारत 2047: शिक्षा, संस्कृति और नवाचार’ विषयक विशेष कार्यक्रम में देश के भविष्य, प्रगति और वैश्विक सम्मान पर सार्थक विमर्श हुआ। मुख्य अतिथि और प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि आज भारत की प्रतिष्ठा विश्व मंच पर निरंतर बढ़ रही है। चाहे रक्षा क्षेत्र हो, शिक्षा जगत हो या विज्ञान–प्रौद्योगिकी, हर क्षेत्र में भारत नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। नई नीतियों, योजनाओं और बदलते दृष्टिकोण ने विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा, संस्कृति और नवाचार के समन्वय से भारत 2047 तक विश्व का नेतृत्व करने वाली प्रमुख शक्तियों में शामिल होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा कुलगीत प्रस्तुत कर की गई। इसके बाद प्रो. मंगल पांडेय ने मंगलाचरण किया। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम प्रदान कर किया गया।
संयोजक ज्ञानप्रकाश मिश्र ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश–विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र–छात्राओं ने भाग लिया। संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने भारत के भविष्य निर्माण में शिक्षा, संस्कृति और नवाचार की भूमिका पर अपने विचार रखे।
विचार–सत्र में प्रो. अमित पात्रा, प्रो. सचिदानंद शर्मा, प्रो. संजय कुमार, प्रो. शंभूनाथ सिंह, प्रो. सुषमा गिल्डियार, प्रो. राकेश उपाध्याय सहित कई शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त शोभना नार्लेकर, उत्कर्ष पाठक, गौरव राठी, आदित्य प्रकाश, अमन सिंह, दीपेश कुमार और सुजीत पासवान आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।





