PM के संसदीय क्षेत्र से बाहर भेजी जा रही 1000 करोड़ की जहरीली दवा: सपा सांसद का आरोप
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से अन्य राज्यों में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित जहरीली कफ सिरप की सप्लाई किए जाने का मुद्दा शुक्रवार को सपा सांसद वीरेन्द्र सिंह ने गंभीर रूप से उठाया। प्रेसवार्ता में सांसद ने दावा किया कि यह अवैध कारोबार बिना राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की संलिप्तता के फल-फूल ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को वह लोकसभा में भी उठाएंगे।
सांसद वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्षों से बड़ी मात्रा में जहरीली दवाओं की सप्लाई चल रही है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि किसी एजेंसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्होंने सवाल किया कि “क्या यह सब बिना संरक्षण के संभव है? कौन हैं वे सफेदपोश लोग जो इस गोरखधंधे को चला रहे हैं? पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने संसद में 377 के तहत नोटिस दिया है, जिसका जवाब मंगलवार या बुधवार तक आने की संभावना है। इसके बाद वे इस प्रकरण को लोकसभा में विस्तार से उठाने की तैयारी में हैं।
अमित सिंह टाटा की वायरल फोटो पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि वह सिर्फ एक मोहरा है। “असल में इसमें शामिल राजनीतिक लोग और कुछ पुलिसकर्मी सामने आने चाहिए। अभी तक केवल छोटे लोगों को गिरफ्तार किया गया है, यह महज दिखावा है,” उन्होंने आरोप लगाया।
सांसद ने शुभम जायसवाल के फरार होने की अफवाह पर भी सवाल उठाया और कहा कि संभवतः वह किसी नेता के संरक्षण में हैं। वहीं एसआईआर को लेकर उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि पंजीकरण हेतु उपयोग की जा रही सूची स्पष्ट नहीं है—2003 की या 2024 की। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग एफिडेविट देकर स्पष्ट करे कि देश के हर नागरिक का नाम सूची में दर्ज होना चाहिए, तभी लोग विश्वासपूर्वक अपना एसआईआर करा सकेंगे।





