कजाकपुरा–सरैया आरओबी निर्माण अंतिम चरण में, जल्द शुरू होगा आवागमन
वाराणसी। कजाकपुरा–सरैया रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का निर्माण अब अंतिम दौर में पहुँच गया है। कार्यदायी संस्था द्वारा दिन-रात युद्धस्तर पर किए जा रहे कार्यों के चलते सेतु का लगभग 99.5 प्रतिशत निर्माण पूरा कर लिया गया है। अब केवल अंतिम रंगाई, पेंटिंग और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे कार्य तेजी से चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कभी भी इस सेतु पर आवागमन शुरू किया जा सकता है।
इस आरओबी का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा फरवरी 2019 में किया गया था। निर्माण पूर्ण करने की प्रारंभिक समय-सीमा जून 2024 निर्धारित थी, लेकिन कार्य समय से पूरा न होने पर इसे सितंबर 2025 तक बढ़ाया गया। बाद में लक्ष्य पुनः संशोधित कर नवंबर 2025 किया गया। वर्तमान प्रगति को देखते हुए कार्यदायी संस्था ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर अंतिम रूप देने की गति तेज कर दी है।
सेतु की लंबाई 1355.51 मीटर और चौड़ाई 750 मीटर है। इसे आईआरसी क्लास-A मानक के अनुरूप बनाया जा रहा है। आरओबी की मूल लागत 6278.73 लाख रुपये निर्धारित थी, लेकिन गुणवत्ता सुधार और अतिरिक्त निर्माण कार्यों के कारण व्यय बढ़कर 14452.56 लाख रुपये तक पहुँच गया है। परियोजना में राज्य सरकार और रेलवे की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
सेतु के शुरू होने से प्रतिदिन लगभग चार से पाँच हजार वाहन आवाजाही कर सकेंगे। आसपास के क्षेत्रों की करीब 10 से 15 प्रतिशत आबादी को सीधे लाभ मिलेगा। यह मार्ग वाराणसी को बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से तेज संपर्क प्रदान करेगा।
इसके चालू होने से— जीटी रोड पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
बड़े वाहनों का आवागमन सुगम होगा।
रेलवे क्रॉसिंग से होकर मुगलसराय, चंदौली और मिनापुर जाने वाले यात्रियों को आसानी होगी।
सारनाथ आने-जाने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।
अधिकारियों ने बताया कि सेतु चालू होते ही शहर के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों के लिए नया सुरक्षित और निर्बाध मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।





