भीषण ठंड और गलन से इंसान तो संभले, बेसहारा जानवर भगवान भरोसे
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर । मंगलवार को सुबह से ही भीषण ठंड और गलन का प्रकोप बना रहा। सर्द हवाओं के चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों, ब्लोअर और अलाव का सहारा लेते नजर आए, लेकिन सबसे दयनीय स्थिति बेजुबान जानवरों की रही।
पालतू पशुओं के लिए तो लोग किसी न किसी तरह की व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन जो पशु और पक्षी बेसहारा हैं, वे ठंड से बचने के लिए पूरी तरह भगवान भरोसे हैं। गलियों और मोहल्लों में आवारा कुत्तों के छोटे-छोटे पिल्ले ठिठुरन से बचने के लिए एक-दूसरे से लिपटे हुए दिखाई दिए। उनके पास न तो ठंड से बचाव का कोई साधन है और न ही सुरक्षित आश्रय।
ग्रामीण इलाकों में हालांकि इन बेजुबानों को कहीं-कहीं पुआल या पुराने, टूटे-फूटे मकानों में सिर छुपाने की जगह मिल जाती है, लेकिन बाजारों और कस्बाई क्षेत्रों में इनके लिए ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। खुले स्थानों पर ठंड से जूझते इन निरीह जीवों की स्थिति देखकर लोगों का दिल द्रवित हो उठा।
समाज के जिम्मेदार लोगों से अपेक्षा की जा रही है कि इस भीषण ठंड के दौर में बेजुबानों के लिए भी अस्थायी आश्रय और राहत की व्यवस्था की जाए, ताकि इंसानियत के साथ-साथ करुणा का भाव भी जीवित रह सके।





