करोड़ों की संपत्ति के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहा आरोपी, पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
मिर्जापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले में पुलिस जांच के साथ-साथ हर दिन नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को थाना प्रभारी बाल मुकुंद मिश्र ने घटनास्थल पर पहुंचकर गहन जांच की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आए तथ्य बेहद मार्मिक और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाले हैं।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी राहुल गुप्ता, पीडब्ल्यूडी के करोड़पति ठेकेदार रहे प्रेमचंद गुप्ता का बड़ा बेटा है। बावजूद इसके उसे घर में न तो पर्याप्त भोजन मिलता था, न बिजली-पानी और न ही शौचालय की सुविधा। बताया गया कि उसे रहने के लिए मात्र करीब आठ फीट का एक कमरा दिया गया था, जो वर्षों तक उसकी पूरी दुनिया बना रहा।
राहुल की मां का निधन उसके बचपन में ही हो गया था। इसके बाद पिता प्रेमचंद ने ऊषा गुप्ता से दूसरी शादी की। इसी के साथ राहुल के जीवन में उपेक्षा और प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया। दूसरी पत्नी से प्रेमचंद के एक पुत्र आयुष और दो पुत्रियां संध्या व विनीता हुईं। पिता की मृत्यु के बाद पारिवारिक विवाद और अधिक गहराता चला गया।
जांच में सामने आया कि संपत्ति विवाद के चलते राहुल के लिए घर में खाना तक बंद कर दिया गया। पानी का कनेक्शन काट दिया गया और कथित तौर पर शौचालय पर ताला लगा दिया गया। बुनियादी जरूरतों से वंचित राहुल को एक लोटा पानी के लिए भी पड़ोसियों पर निर्भर रहना पड़ता था।
परिवारिक उपेक्षा के साथ-साथ स्थानीय सूदखोरों ने भी उसकी मजबूरी का फायदा उठाया। ऊंचे ब्याज पर कर्ज देकर उस पर आर्थिक बोझ बढ़ाया गया। बढ़ता कर्ज, पारिवारिक प्रताड़ना और अकेलापन राहुल को मानसिक रूप से तोड़ता चला गया।
बताया गया कि हाल ही में घर आई उसकी सौतेली बहन, जो पेशे से शिक्षिका हैं, करीब दस दिन तक घर पर रहीं, लेकिन परिस्थितियों में कोई सुधार नहीं हुआ। अंततः हालात के दबाव में राहुल ने वह कदम उठा लिया, जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि मड़िहान और चंदौली में उसके पिता की संपत्ति थी। करीब दस साल पहले उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया गया था। पिता की मौत के बाद उसने कानूनी लड़ाई लड़कर परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराया।
राहुल के अनुसार चंदौली की कई संपत्तियां सौतेले भाई आयुष ने बेच दी थीं, इसी को लेकर मां ऊषा और आयुष से उसका विवाद चल रहा था। सोमवार को हुई तीखी बहस के बाद उसने बांके से आयुष और मां ऊषा की हत्या कर दी। शवों को ठिकाने लगाने के दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पटेल गांव निवासी प्रेमचंद गुप्ता की दो शादियां थीं। पहली पत्नी से राहुल और गुंजन, जबकि दूसरी पत्नी ऊषा से आयुष, संध्या और विनीता हैं। आयुष बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करता था। उसकी पहली पत्नी की मौत के बाद वह एक साल जेल में भी रहा। दूसरी शादी के बाद भी पारिवारिक कलह बनी रही। राहुल की शादी 2009 में हुई थी, लेकिन 2013 से वह अलग रह रहा था।
फिलहाल डबल मर्डर के आरोपी राहुल गुप्ता जेल में बंद है। पुलिस सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।






