चौबेपुर के सत्यम चौबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पार्टी के सभी पद छोड़े
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा लागू UGC (इक्विटी) रेगुलेशन 2026 के विरोध में भारतीय जनता पार्टी को स्थानीय स्तर पर बड़ा झटका लगा है। भाजपा युवा मोर्चा की जिला कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व मंडल महामंत्री भारतीय जनता पार्टी चौबेपुर सत्यम चौबे ने पार्टी के सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।
सत्यम चौबे ने यह इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर दिया। पत्र में उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए इक्विटी रेगुलेशन 2026 से सामान्य वर्ग (सवर्ण समाज) के छात्रों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने लिखा कि वह स्वयं छात्र जीवन में हैं और इस कानून के प्रावधानों से शिक्षा संस्थानों में सामाजिक विभाजन और जातिगत विद्वेष बढ़ने की आशंका है।
पत्र में सत्यम चौबे ने स्पष्ट किया कि यह कानून शिक्षा के मूल उद्देश्यों के विपरीत है और इससे अकादमिक वातावरण प्रभावित होगा। उनका कहना है कि जिन सिद्धांतों और मूल्यों के लिए उन्होंने पार्टी जॉइन की थी, वर्तमान नीतियां उनसे भटकती नजर आ रही हैं। ऐसे में एक सजग कार्यकर्ता के रूप में वह इस “काले कानून” का समर्थन नहीं कर सकते।
इस्तीफे के साथ उन्होंने यह भी कहा कि उनके पूर्वजों ने उन्हें अन्याय के खिलाफ खुलकर खड़े होने की सीख दी है। “लोग मुझे बाग़ी कह सकते हैं, लेकिन ग़द्दार नहीं,” यह संदेश देते हुए उन्होंने सामाजिक सरोकारों के पक्ष में अपने निर्णय को उचित ठहराया।
सत्यम चौबे का यह इस्तीफा भाजपा के लिए ऐसे समय में आया है, जब UGC (इक्विटी) रेगुलेशन 2026 को लेकर विभिन्न सामाजिक वर्गों और छात्र संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर और भी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।





