सूचना पर पहुंची पुलिस ने कराया निष्क्रिय, जांच में पटाका निकला
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के चांदपुर रेतापार जंगल में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल में पशु चरा रहे चरवाहों को सिंदूरी रंग का एक संदिग्ध गोला दिखाई दिया। आशंका जताई गई कि यह विस्फोटक हो सकता है, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
चरवाहों के अनुसार, एक बुजुर्ग चरवाहे ने बताया कि जंगली सुअरों के शिकार अथवा उन्हें भगाने के लिए पूर्व में इसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था और पैर पड़ते ही उसमें विस्फोट हो सकता है। इस जानकारी के बाद आसपास मौजूद लोग भयभीत हो गए।
मामले की सूचना तत्काल चांदपुर पुलिस चौकी को दी गई। सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा घेरा बनाकर संदिग्ध वस्तु को निष्क्रिय कराया गया।
चौबेपुर थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार ने बताया कि जांच में उक्त वस्तु विस्फोटक नहीं, बल्कि एक पटाका निकला, जिसका उपयोग जंगली सुअरों को भगाने के लिए किया जाता है। आशंका के चलते चरवाहों ने इसे बम समझ लिया था, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस ने पटाके को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तत्काल पुलिस को दें और स्वयं उसे छूने या हटाने का प्रयास न करें।





