मानस पीयूष जी महाराज की भावपूर्ण प्रस्तुति से जयरामपुर में उमड़ा भक्ति रस
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। जयरामपुर गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सप्तम दिवस पर भक्ति और करुणा से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर मानस प्रवक्ता मानस पीयूष जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन-चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए वन गमन प्रसंग की मार्मिक व्याख्या प्रस्तुत की।
कथा के दौरान राज्याभिषेक की तैयारियों से लेकर प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण के वन प्रस्थान तक की घटनाओं को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया। कथा की सारगर्भित एवं संवेदनशील व्याख्या ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहरे भावलोक में डुबो दिया।
सप्तम दिवस का मुख्य आकर्षण प्रभु श्रीराम और भरत के मिलन का प्रसंग रहा। इस दृश्य का अत्यंत मार्मिक चित्रण सुनकर पंडाल में मौजूद अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। श्रोताओं ने कथा श्रवण को आत्मिक अनुभूति बताते हुए स्वयं को धन्य महसूस किया।
कथा के समापन पर विधिवत आरती संपन्न हुई तथा प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में सत्यम, शिवम, सुंदरम, विनय, संजय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयघोष और भक्ति संगीत से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।





