50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और 100 से ज्यादा वीडियो खंगाल रही लंका पुलिस
वाराणसी। जातिगत टिप्पणी के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हुए बवाल के सूत्रधारों की गिरफ्तारी के लिए लंका पुलिस लगातार दबिश दे रही है। विश्वविद्यालय के प्रवेश–निकास द्वारों समेत प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की 50 से अधिक फुटेज खंगाली जा रही हैं। साथ ही घटना के दौरान वायरल हुए 100 से ज्यादा वीडियो भी जांच के दायरे में हैं।
मारपीट मामले में सात नामजद आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें बाबतपुर निवासी दर्शिल पांडेय (जिलाबदर) शामिल है। अन्य आरोपियों—रोशन मिश्रा, शशांक सिंह, विशाल और विश्वजीत यादव—के आपराधिक इतिहास की जानकारी संबंधित थानों की मदद से जुटाई जा रही है। एहतियातन दोनों हॉस्टलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गेटों पर बाहरी नंबर की गाड़ियों की सघन जांच हो रही है और परिसर में संदिग्धों की तलाश जारी है।
गुरुवार दोपहर बिरला और रूईया हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट और पथराव हुआ, जिसमें तीन छात्र घायल हो गए। दोपहर से शाम तक हालात बेकाबू रहे। लंका पुलिस की मौजूदगी के बावजूद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड असहज दिखा और उग्र छात्रों को शांत कराने में नाकाम रहा।
स्थिति बिगड़ने पर पीएसी और कमिश्नरेट पुलिस के 10 थानों की फोर्स परिसर में दाखिल हुई, तब जाकर हालात काबू में आए। घटना में कई वाहनों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए। बताया गया कि इस तरह की झड़प 2019 में भी एलबीएस और बिरला हॉस्टल के बीच हो चुकी है, जब पेट्रोल बम फेंकने तक की घटना सामने आई थी। तब भी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के असफल रहने पर पुलिस को कैंपस में हस्तक्षेप करना पड़ा था।
पुलिस का कहना है कि पहचान के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात है।





