किसानों ने बताया राहत भरा, युवा-महिलाएं व छोटे व्यापारी बोले—उम्मीदें अधूरी
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के आम बजट (Budget 2026) को लेकर आमजन की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। सरकार ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के तहत कृषि, बुनियादी ढांचा, निवेश और उद्योग को प्राथमिकता देने का दावा किया है। कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाएं, सस्ती ऋण व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई है, लेकिन रोजगार, महंगाई और छोटे कारोबारियों से जुड़े प्रावधानों पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आ रही है।
किसान बोले—गांवों की तस्वीर बदल सकती है
किसान वर्ग से जुड़े सुकृति उपाध्याय ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र के लिए नई योजनाओं और सस्ती ऋण व्यवस्था की घोषणा किसानों के लिए राहत देने वाली है। यदि इन योजनाओं को सही तरीके से लागू किया गया तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट किसान, नौजवान और गरीब-मजदूर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
बेरोजगार युवाओं में निराशा
वहीं बेरोजगार वर्ग से जुड़े आनन्द (ग्रेजुएट) का कहना है कि बजट में रोजगार सृजन को लेकर बड़े दावे जरूर किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नौकरी देने की कोई स्पष्ट योजना नजर नहीं आती। युवाओं के लिए यह बजट उम्मीद से कमजोर साबित हुआ है।
महिलाओं को महंगाई से राहत नहीं
महिला वर्ग की ओर से गृहिणी सुप्रिया ने कहा कि रसोई गैस, दाल, तेल जैसी जरूरी वस्तुओं की महंगाई पर कोई सीधी राहत नहीं दी गई। महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बड़ी बातें जरूर हैं, लेकिन घर का बजट संभालने वालों के लिए इस बजट में कोई ठोस सहायता नहीं दिखती।
छोटे व्यापारियों में नाराजगी
व्यापारी वर्ग से जुड़े एन पी जायसवाल नन्हे ने कहा कि सरकार ने बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों को राहत दी है, लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए कोई ठोस टैक्स छूट नहीं दी गई। महंगाई और जीएसटी की मार झेल रहे छोटे कारोबारियों को इस बजट से निराशा हाथ लगी है। उनका कहना है कि यह बजट उद्योगपतियों पर केंद्रित नजर आता है, जबकि आम टैक्सपेयर्स और छोटे व्यापारियों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली।
कुल मिलाकर, Budget 2026 को लेकर जहां किसान वर्ग आशावादी दिख रहा है, वहीं बेरोजगार युवा, महिलाएं और छोटे व्यापारी अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप राहत न मिलने से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।





