मध्यम वर्ग, किसानों और धार्मिक पर्यटन से जुड़े मुद्दों की अनदेखी का आरोप
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी क्रम में नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशिप्रताप सिंह ने बजट को लेकर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बजट 2026 को राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया “चुनावी बजट” बताया है।
शशिप्रताप सिंह ने कहा कि बजट में मध्यम वर्ग के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने आयकर स्लैब में कोई बढ़ोतरी न किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में मध्यम वर्ग को कर राहत की अपेक्षा थी, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि “जी राम जी” को वर्ष के सभी 365 दिन संचालित न करना भी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक ने किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि ऋण (कृषि लोन) की कोई ठोस और नई व्यवस्था न किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन बजट में किसानों को राहत देने वाले प्रावधान नदारद हैं।
शशिप्रताप सिंह ने निष्कर्ष रूप में कहा कि बजट 2026 आम जनता की मूल समस्याओं के समाधान के बजाय केवल राजनीतिक लाभ और चुनावी गणित को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने इसे जनहित से दूर और चुनावी लाभ तक सीमित बजट करार दिया।





