सेवापुरी परियोजना की गतिविधियां तीन माह कम, आंगनबाड़ी व एनआरसी पर जोर
वाराणसी। जिले में पोषण योजनाओं की प्रगति की मंगलवार को जिला पोषण समिति की बैठक में समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने की। इस दौरान पोषण ट्रैकर के विभिन्न मानकों, बच्चों के पोषण स्तर, एनआरसी तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना सेवापुरी में समुदाय आधारित गतिविधियों की लगातार तीन माह कम प्रगति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। समीक्षा में पाया गया कि सेवापुरी में सीबीए प्रगति नवंबर 2025 में 60.94 प्रतिशत, दिसंबर 2025 में 84.72 प्रतिशत और जनवरी 2026 में 88.68 प्रतिशत रही। वहीं वीएचएसएनडी की प्रगति नवंबर 2025 में 66.79, दिसंबर 2025 में 86.79 प्रतिशत तथा जनवरी 2026 में 90.19 प्रतिशत दर्ज की गई।
वित्तीय वर्ष 2023–24 में 21 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल मैत्रिक शौचालय अपूर्ण पाए जाने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी आराजीलाइन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में काशी विद्यापीठ परियोजना की प्रगति जनपद औसत 54 प्रतिशत के मुकाबले 36.61 प्रतिशत पाए जाने पर चेतावनी जारी की गई और सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जिला एनआरसी में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए एनआरसी प्रभारी को बाल रोग विभाग से समन्वय कर बच्चों को भर्ती कराने तथा नगर, काशी विद्यापीठ और हरहुआ परियोजनाओं के अधिकारियों को अधिक से अधिक बच्चों को एनआरसी में भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरबीएसके), उपायुक्त मनरेगा, उपायुक्त स्वतः रोजगार तथा सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।




