किसानों की प्रस्तावित बाइक रैली से पहले चार गांवों में पुलिस-पीएसी तैनात
पिंडरा(वाराणसी)। काशी द्वार योजना के विरोध में किसानों द्वारा गुरुवार को प्रस्तावित बाइक रैली को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। रैली की आशंका को देखते हुए पिंडरा क्षेत्र के रमईपुर, मानापुर, समोगरा और चनौली गांवों में पीएसी के साथ भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अचानक बढ़ी पुलिस मौजूदगी से आम राहगीरों में कौतूहल का माहौल रहा।
प्रशासन ने सुबह होते ही नौ थानों के थाना प्रभारियों को फोर्स के साथ संबंधित गांवों में तैनात कर दिया। सुरक्षा कारणों से गांवों में बाहरी लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया गया। पुलिस सख्ती के चलते कई किसान घरों से बाहर निकलकर खेतों में दिन बिताने को मजबूर हुए।
पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ किसान नेताओं को नजरबंद किया, जबकि अलग-अलग स्थानों से आए आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें भाकपा नेता शंकर शक्ति और श्यामधनी (सिंधौरा), लालबहादुर (राजातालाब), अंकित कुमार (बरही नेवादा, फूलपुर), कंचन (मघवा, सिंधोरा) शामिल रहे।
वहीं भाकपा से जुड़े नंदाराम शास्त्री, रामजी सिंह और फतेहनारायण सिंह को नजरबंद किया गया।
देर शाम तक गांवों में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान एसीपी प्रतीक कुमार, इंस्पेक्टर फूलपुर, बड़ागांव, सिंधोरा, कपसेठी समेत नौ थानों के प्रभारी मय फोर्स मौजूद रहे।
इंस्पेक्टर फूलपुर अतुल सिंह ने बताया कि बाहर से आकर किसानों को भड़काने के प्रयास की सूचना पर कार्रवाई की गई। हालांकि स्थानीय किसानों के सहयोग से कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को देर शाम छोड़ दिया गया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संभावित विरोध और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए यह तैनाती एहतियातन की गई थी। स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।




