आरोपों को बताया निराधार, बोले– जांच का सामना करूंगा; पुलिस ने शुरू की पूछताछ
वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को वाराणसी स्थित आश्रम में वकीलों के साथ बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं और पुलिस जांच का सामना करेंगे।
उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जिन छात्रों के शोषण की बात कही जा रही है, वे उनके गुरुकुल के नहीं हैं। इस दौरान एक महिला भक्त को सांत्वना देते हुए उन्होंने कहा कि “गुरु तब तक गुरु है जब तक निष्कलंक है, रोना तब जब गुरु वास्तव में गलत निकले।”
प्रयागराज पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है। एक टीम ने हरदोई में पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए, जबकि दूसरी टीम पूछताछ के लिए वाराणसी पहुंची। पुलिस ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया जहां माघ मेले के दौरान शंकराचार्य का शिविर लगा था।
मामले में कार्रवाई आशुतोष महाराज नामक व्यक्ति की शिकायत और विशेष पॉक्सो अदालत के आदेश पर की गई है।
शंकराचार्य ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मांग की कि जांच किसी ऐसे राज्य की पुलिस से कराई जाए जहां भाजपा की सरकार न हो।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। वहीं सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे सनातन धर्म के शीर्ष पद का अपमान करार दिया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।




