कांशीराम की 92वीं जयंती व संत गाडगे–डॉ. आंबेडकर मिलन समारोह में हुआ सम्मान
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के संत गाडगे धर्मशाला स्थित धोबी धर्म संसद में रविवार को बहुजन समाज के महान समाज सुधारक कांशीराम की 92वीं जयंती तथा संत गाडगे–डॉ. भीमराव आंबेडकर मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब धर्मशाला निर्माण में भिक्षाटन से एकत्रित धन से सहयोग करने वाले एक जरूरतमंद व्यक्ति को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कमेटी के अध्यक्ष सदर अमीन, रमेश चौधरी, संतलाल और दयाराम मास्टर ने उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिनंदन किया।
सम्मान से भावुक हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि वह स्वयं को इस सम्मान के योग्य नहीं मानते, लेकिन समाज ने जो मान-सम्मान दिया है, उसे वह जीवनभर याद रखेंगे।
विशिष्ट अतिथि रमेश चौधरी (भावी प्रत्याशी, अजगरा विधानसभा) ने कहा कि समाज को मजबूत बनने के लिए एकजुट होकर संगठित प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संगठनों में बंटकर काम करने से समाज का हित संभव नहीं है।
कार्यक्रम में कांशीराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए राजकुमार ने कहा कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है, जिससे जीवन के बंद दरवाजों के ताले खुलते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों को हर हाल में शिक्षित करने का आह्वान किया।
समारोह की अध्यक्षता सदर अमीन ने की तथा संचालन दयाराम ने किया। अंत में भूपेंद्र ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
इस अवसर पर छागुर चौधरी, विजय कनौजिया, सोहन चौधरी, मोहन चौधरी, ठालू कनौजिया, मुन्नालाल कनौजिया, बनवारी कनौजिया, पंचदेव कनौजिया, रमेश, जगन्नाथ, संतलाल कनौजिया, सोनू कनौजिया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।




