गैस किल्लत से आमजन से लेकर होटल-ढाबा तक प्रभावित, तत्काल राहत की मांग
वाराणसी : देशभर में रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि मौजूदा संकट के लिए केंद्र की नीतियां जिम्मेदार हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी संकट का सबसे ज्यादा असर गरीब, कमजोर वर्ग, मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर पड़ रहा है। घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है, वहीं छोटे व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
राघवेंद्र चौबे ने बताया कि भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, ऐसे में मौजूदा हालात बेहद गंभीर हैं। उनका कहना है कि सरकार को पहले से इस स्थिति से निपटने की तैयारी करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और जिम्मेदार मंत्री जहां गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे हैं और अफवाहों से बचने की सलाह दे रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट हैं। कई जगहों पर अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई से लेकर राम रसोई तक प्रभावित हुई हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि गैस की कमी की खबरों के चलते लोगों में घबराहट बढ़ी है, जिससे पैनिक बुकिंग शुरू हो गई है और जमाखोरी की आशंका भी बढ़ रही है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और आम जनता को राहत मिल सके।




