15 वर्षीय कथावाचक कृष्ण शरण महाराज की भागवत कथा में उमड़ी आस्था की भीड़, झांकी व प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। चौबेपुर के गौरा रोड स्थित हनुमान मंदिर के समीप चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और मनमोहक वर्णन किया गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।
महज 15 वर्ष के युवा कथावाचक कृष्ण शरण महाराज के मुखारविंद से निकली कथा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथावाचक ने मथुरा के कारागार में देवकी-वसुदेव के यहां भगवान श्रीकृष्ण के जन्म तथा वसुदेव द्वारा उन्हें यमुना पार कर गोकुल पहुंचाने की मार्मिक कथा का विस्तार से वर्णन किया। साथ ही पूतना वध एवं अन्य बाल लीलाओं का संक्षिप्त वर्णन करते हुए धर्म, आस्था और भक्ति का संदेश दिया।
इस अवसर पर आयोजक मंडल के भोलानाथ उपाध्याय, प्रदीप सोनी, अजय गुप्ता ‘अकेला’, अंतिम उपाध्यक्ष दिलीप सेठ, अतुल चतुर्वेदी, मोहित चौबे, शरद उपाध्याय सहित सैकड़ों कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया, जिसके साथ ही दिन की कथा का समापन हुआ।
कुल मिलाकर, यह आयोजन आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम बनकर सामने आया।





