हैदराबाद से मिली सूचना पर 40 मिनट में खोजी गई महिला, पुलिस ने बिना देर किए अस्पताल पहुंचाकर बचाई जिंदगी
वाराणसी। दशाश्वमेध क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक महिला की जान बच गई। हैदराबाद से आई एक सूचना पर तत्काल सक्रिय हुई पुलिस टीम ने महज 40 मिनट के भीतर महिला को खोज निकालते हुए उसे समय रहते अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजामपेट (हैदराबाद) निवासी वेंकटेश्वर रम्मा ने दशाश्वमेध थानाध्यक्ष के सीयूजी नंबर पर कॉल कर बताया कि उनकी 32 वर्षीय पुत्री बी. अनुषा मानसिक रूप से परेशान चल रही है और घर से बिना बताए कहीं चली गई है। महिला ने यह भी बताया कि उनकी बेटी ने किसी दुकान के मोबाइल से संदेश भेजकर खुद के दशाश्वमेध में होने और आत्महत्या के लिए दवा खाने की बात कही है।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी अनुज मणि तिवारी को तत्काल खोजबीन का निर्देश दिया। चौकी प्रभारी ने अपनी टीम के साथ सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की मदद से तेजी से तलाश शुरू की और करीब 40 मिनट के भीतर चितरंजन पार्क के पास अनुषा को ढूंढ निकाला।
पूछताछ में महिला ने बताया कि पति से तलाक के बाद वह मानसिक तनाव में थी और जीवन समाप्त करने के उद्देश्य से ब्लड प्रेशर की दवा की पूरी स्ट्रिप खा ली थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन देरी की संभावना को भांपते हुए चौकी प्रभारी अनुज मणि तिवारी ने बिना इंतजार किए ऑटो के माध्यम से महिला कांस्टेबल के साथ अनुषा को कबीर चौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। उपचार के बाद महिला की हालत स्थिर हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर अनुषा के परिजन फ्लाइट से वाराणसी पहुंचे और अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर वाराणसी पुलिस का आभार जताया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर की गई पुलिस कार्रवाई किसी की जिंदगी बचा सकती है।




