बनारसी ठाट, संगीत और परंपरा का अनूठा संगम; तुलसी उपवन में सजी रंगारंग महफिल
वाराणसी। सातों दिन त्योहारों की परंपरा को जीवंत रखने वाले काशी में एक बार फिर सांस्कृतिक विरासत की अनूठी छटा देखने को मिली। महमूरगंज स्थित तुलसी उपवन में रविवार को आयोजित ‘गुलाबबाड़ी’ कार्यक्रम ने बनारसी ठाट, सुर-संगीत और गुलाब की महक से वातावरण को सराबोर कर दिया। यह आयोजन भारतीय जन जागरण समिति द्वारा सायं 5:15 बजे से संपन्न हुआ।
होली की मस्ती की अंतिम कड़ी माने जाने वाले इस आयोजन में रंग-अबीर की जगह गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार और गुलाबजल की फुहारों ने माहौल को विशेष बना दिया। पारंपरिक बनारसी वेशभूषा में सजे लोग—पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा, गुलाबी दुपट्टा व दुपल्ली टोपी तथा महिलाएं गुलाबी साड़ी में—खुले आकाश के नीचे एकत्रित होकर संगीत का आनंद लेते नजर आए।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव, प्रो. श्रद्धानंद, डॉ. कुमुद रंजन, डॉ. बेनी माधव और समिति अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम के बटुकों ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत संतोष कुमार ‘प्रीत’ के संयोजन में काव्यांजलि से हुई। काशी के चर्चित कवि आनंद कृष्ण ‘मासूम’, बुद्धदेव तिवारी, फुर्तीला बनारसी, राम जतन पाल ‘सज्जन’, पंकज श्रीवास्तव, धीरेंद्र श्रीवास्तव और संतोष कुमार ‘प्रीत’ ने हास्य, व्यंग्य और संदेशपरक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता के. एस. परिहार ने की, जबकि संचालन आनंद कृष्ण ‘मासूम’ ने किया।
इसके बाद प्रसिद्ध गायक बाबुल श्रीवास्तव के संयोजन में संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। स्वरांश श्रीवास्तव और वैभव सिंह (बनारस घराना) ने तबला वादन से समां बांधा। वहीं बाबुल श्रीवास्तव ने सुगम संगीत की प्रस्तुति दी। संगत में कीबोर्ड पर सतीश चंद्रा, तबले पर शशि भूषण मिश्रा और पैड पर बृजेश प्रजापति ने साथ दिया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति बनारस घराने की ख्यातिलब्ध गायिका सुचरिता गुप्ता द्वारा दी गई, जिन्होंने चैती, दादरा और कजरी सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में आगंतुकों का स्वागत अंगवस्त्र, टोपी और तिलक लगाकर किया गया। महिला अतिथियों का स्वागत महिला अध्यक्ष कुमकुम श्रीवास्तव ने किया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन डॉ. बेनी माधव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन महासचिव मधुकर चित्रांश एवं उपाध्यक्ष आनंदकंद चौबे ने संयुक्त रूप से व्यक्त किया।
कार्यक्रम में वी. के. सिंह, डॉ. निरंजन श्रीवास्तव, सुमन जायसवाल, राजेश श्रीवास्तव, बागेश्वरी प्रसाद, उमेश चंद जैन, बृजेश पांडेय, सरोजनी महापात्रा, रविंद्र श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, डॉ. ओ. पी. शर्मा, डॉ. कवींद्र श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



