प्रस्तावित भूमि छोड़ स्कूल व खेल मैदान पर निर्माण के आरोप, जनहित याचिका पर आया स्थगन आदेश
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। विकासखंड चिरईगांव के ग्राम सभा खेतलपुर में प्रस्तावित अन्नपूर्णा भवन के निर्माण को लेकर विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि निर्धारित भूमि के बजाय अन्य भूखंड पर निर्माण कार्य शुरू कराए जाने से मामला न्यायालय तक पहुंच गया, जहां उच्च न्यायालय ने फिलहाल निर्माण पर रोक लगा दी है।
जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा भवन के लिए ग्राम सभा की आराजी नंबर 12 (नवीन परती) भूमि निर्धारित की गई थी, जो मौके पर खाली भी है। इसके बावजूद ग्राम प्रधान सुनील कुमार यादव पर आरोप है कि उन्होंने आराजी नंबर 9 व 11 पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। अभिलेखों में यह भूमि प्राथमिक विद्यालय और खेलकूद मैदान के रूप में दर्ज बताई जा रही है।
गांव की निवासी कांता यादव ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी ने 2 जनवरी 2026 को निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
आरोप है कि प्रशासनिक रोक के बावजूद निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। इसके बाद यह मामला जनहित याचिका (PIL संख्या 470/2026) के माध्यम से उच्च न्यायालय तक पहुंचा।
उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान संबंधित निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से स्थगन आदेश जारी कर दिया। साथ ही निर्देश दिया कि निर्माण कार्य केवल प्रस्तावित आराजी नंबर 12 पर ही किया जाए।
मामले को लेकर गांव में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और न्यायालय के निर्देशों के पालन पर टिकी हैं।





