किसानों को संतुलित उर्वरक व हरी खाद अपनाने की दी सलाह, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने पर जोर
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी): कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) केशव प्रसाद यादव ने रविवार को क्षेत्र के ढांका गांव में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री कैंप का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कैंप में बीटीएम की उपस्थिति में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया जारी मिली, जिस पर उन्होंने संतोष जताया।
इस दौरान एडीओ कृषि ने मौके पर मौजूद किसानों को संतुलित उर्वरकों के प्रयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि गेहूं की फसल कटाई के बाद खेतों की मिट्टी को पलटने वाले हल से गहरी जुताई करें और इसके बाद हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई अवश्य करें।

बीटीएम देवमणि त्रिपाठी ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए ढैंचा अथवा सनई जैसी हरी खाद का प्रयोग बेहद लाभकारी है। इससे खेत में ऑर्गेनिक कार्बन और नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मिट्टी की भौतिक संरचना में सुधार होता है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होने से खेती की लागत भी घटती है।
निरीक्षण के दौरान साधु, अजगुत राम, गायत्री देवी, शिवशंकर, अनूप पांडेय सहित कई किसान उपस्थित रहे।




