गंगा में छोड़ी गईं 30 हजार मछलियां, जैव विविधता संरक्षण को मिला नया बल

सिफरी प्रयागराज द्वारा संगम तट पर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित, नमामि गंगे अभियान के तहत हुआ आयोजन

 

प्रयागराज। गंगा नदी में विलुप्त होती मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत केंद्रीय अंतर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान (सिफरी), प्रयागराज द्वारा बुधवार को विशेष रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत संगम तट पर गंगा नदी में 30 हजार भारतीय प्रमुख कार्प प्रजाति की मछलियों के अंगुलिका बीज छोड़े गए।

सिफरी के वैज्ञानिकों ने बताया कि गंगा नदी में कतला, रोहू और मृगल प्रजाति की मछलियों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 455 किलोग्राम अंगुलिका बीज नदी में प्रवाहित किए गए। एक किलोग्राम में करीब 66 अंगुलिकाएं शामिल होती हैं। इस पहल से गंगा की मत्स्य संपदा में वृद्धि होने के साथ जैव विविधता संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

 

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. धर्मनाथ झा ने नमामि गंगे परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि गंगा नदी में तेजी से घट रही महत्वपूर्ण मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए बीज रैंचिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से गंगा की स्वच्छता और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

 

सिफरी के केंद्राध्यक्ष डॉ. बी.आर. चव्हाण ने गंगा नदी में मत्स्य संवर्धन और रैंचिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि NASI प्रयागराज के कार्यकारी सचिव डॉ. संतोष कुमार शुक्ला ने कहा कि मानव सभ्यता के विकास में गंगा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए इसके संरक्षण और स्वच्छता के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

वहीं, नमामि गंगे गंगा विचार मंच के संयोजक राजेश शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा गंगा सफाई को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और उपस्थित लोगों को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने की शपथ दिलाई।

 

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों, गंगा टास्क फोर्स, गंगा प्रहरी, मत्स्य पालकों, स्थानीय मछुआरों, स्नानार्थियों और माँ गंगा सेवा समिति के सदस्यों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

अंत में वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से गंगा संरक्षण परियोजना के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम में डॉ. अबसार आलम, डॉ. विकास कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार सहित कई वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

  • SHREE 7NEWS

    SHREE 7NEWS उत्तर प्रदेश के उन सभी खबरों से आप को रूबरू कराता है जिससे आप का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संबंध हो। हम देश की सभी बड़ी एवं छोटी खबरें को आप तक पहुंचने का हर संभव प्रयास करते हैं। SHREE 7NEWS (सच का आइना) में सिर्फ नकारत्मक खबरे ही नहीं बल्कि हम सकारत्म खबरों को लेके आते है जिससे समाज में एक सकारात्मक प्रभाव पड़े। हमारा प्रयास है, हम समाज के हर एक व्यक्ति की आवाज बने जो सोसित हो पीड़ित हो। हमारे किसी भी ख़बर से किसी को कोई भी आपत्ति हो तो अपनी शिकायत इस नम्बर पर कर सकते है 9415614652।

    Related Posts

    डॉ. संतोष कुमार शुक्ल को मिला ‘आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान-2026’

    शिक्षा, शोध और लेखन के क्षेत्र में योगदान के लिए अम्बेडकरनगर में हुए समारोह में किया गया सम्मानित   प्रतापगढ़। शिक्षा, शोध और लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के…

    रीडर पद पर चयन को लेकर प्रो. सुमन यादव पर सवाल, अधिवक्ता ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    कार्य-अनुभव प्रमाण-पत्रों की वैधता और पात्रता की जांच कराने की मांग, चयन से जुड़ी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय पड़ताल पर जोर     रिपोर्ट: विवेक राय SHREE 7NEWS, वाराणसी। राजकीय आयुर्वेद…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    रक्तवीरों का सम्मान, रक्तदान के लिए बढ़ा उत्साह

    रक्तवीरों का सम्मान, रक्तदान के लिए बढ़ा उत्साह

    काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के CEO विश्व भूषण मिश्र का तबादला

    काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के CEO विश्व भूषण मिश्र का तबादला

    भदोही में विश्व हिंदू महासंघ ने निकाली श्रीकृष्ण भव्य शोभायात्रा

    भदोही में विश्व हिंदू महासंघ ने निकाली श्रीकृष्ण भव्य शोभायात्रा

    ढेरही बलरामगंज में ‘हाईवे होमस्टे एंड रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ

    ढेरही बलरामगंज में ‘हाईवे होमस्टे एंड रेस्टोरेंट’ का शुभारंभ

    वाराणसी में UGC, SC/ST एक्ट और आरक्षण सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी

    वाराणसी में UGC, SC/ST एक्ट और आरक्षण सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी

    1930 पर समय रहते शिकायत ने बचाए 97,250 रुपये

    1930 पर समय रहते शिकायत ने बचाए 97,250 रुपये