125 वर्ष पुराना श्री पारस नाथ महादेव मंदिर बना आस्था और चमत्कार का केंद्र
रिपोर्ट : अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। विकास खंड बरसठी के थाना मछलीशहर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पौहा स्थित श्री पारस नाथ महादेव मंदिर आज श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। गांव का यह प्राचीन मंदिर अपने दिव्य चमत्कार और अनोखे इतिहास के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस स्थान पर वर्तमान में भव्य मंदिर स्थित है, वहां पहले सुनसान भीटा हुआ करता था। उसी जगह भगवान शिव की प्रतिमा मिट्टी में दबी हुई थी। बताया जाता है कि गांव के स्वर्गीय विश्वनाथ तिवारी को एक रात स्वप्न में भगवान शिव ने दर्शन देकर स्वयं को मिट्टी से बाहर निकालने का संकेत दिया।
स्वप्न के बाद ग्रामीणों की मदद से उस स्थान की खुदाई कराई गई, जहां से भगवान महादेव की दिव्य प्रतिमा प्राप्त हुई। प्रतिमा मिलने के बाद पूरे गांव में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बन गया तथा सामूहिक सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया।
ग्राम प्रधान राजकुमार यादव ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद गांव में निरंतर सुख-समृद्धि और विकास देखने को मिला है। वहीं सुरेश तिवारी ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय विश्वनाथ तिवारी ने भगवान के आदेश को पूरा कर इस पुण्य कार्य की शुरुआत की थी।
ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर लगभग 125 वर्ष से अधिक पुराना है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि दक्षिण दिशा में प्रसिद्ध दियांवा महादेव मंदिर, मध्य में पारस नाथ महादेव मंदिर तथा उत्तर दिशा में शोभ नाथ महादेव मंदिर स्थित हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इन तीनों मंदिरों का निर्माण एक ही कारीगर स्वर्गीय खेदू राजगिर द्वारा किया गया था।
आज श्री पारस नाथ महादेव मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि गांव की आस्था, इतिहास और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बन चुका है।





