भगतुआ बाजार में गीता चेतना यात्रा का भव्य स्वागत, युवाओं और मातृशक्ति की रही सक्रिय भागीदारी
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर, (वाराणसी)। कर्मयोगी पीठ के तत्वावधान में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर निकाली जा रही इक्कीस दिवसीय गीता चेतना यात्रा का दूसरा विश्राम भगतुआ बाजार स्थित श्री संतोष ब्रह्म बाबा मंदिर परिसर में हुआ। इस दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों, युवाओं एवं मातृशक्ति ने बड़ी संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
यात्रा के दूसरे पड़ाव पर समाजसेवी राकेश उपाध्याय ने अपने युवा साथियों के साथ अतिथियों एवं क्षेत्रवासियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में गीता के श्लोकों, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं प्रमुख संयोजक कर्मयोगी गौरव मिश्र ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा देती है। उन्होंने कहा कि “अधिकार से पहले कर्तव्य और सफलता से पहले सेवा का भाव आवश्यक है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्त समाज निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और गीता एवं संस्कारों से जुड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ा सामाजिक आंदोलन वही होगा, जो युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर कर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़े।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को गीता का वितरण किया गया तथा “गीता चेतना” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया। युवाओं ने इस पहल को समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताया।
पूर्वी क्षेत्र संयोजक श्यामकार्तिक ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा का तृतीय विश्राम स्थल उकथी (रामपुर) स्थित उर्मिला पब्लिक स्कूल में होगा, जहां आगामी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर शिवशरण सिंह, गोविंद उपाध्याय, शैलेंद्र सिंह सेंगर, शिवधनी पाठक, रामजी तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




