मस्जिदों और ईदगाहों में अदा की गई नमाज़, लोगों ने गले मिलकर दी बकराईद की मुबारकबाद
(रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर, (वाराणसी)। चौबेपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं कस्बों में ईदु-उल-अज़हा (बकराईद) का पर्व गुरुवार को श्रद्धा, उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। धौरहरा, कैथी, कौवापुर, चौबेपुर, पलकहाँ, आजाँव, छित्तमपुर, डुबकियां सहित क्षेत्र की मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह 7 बजे से 8 बजे तक विशेष नमाज़ अदा की।
नमाज़ के दौरान लोगों ने अल्लाह पाक की इबादत करते हुए अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। ईदु-उल-अज़हा के अवसर पर हज़रत इब्राहिम खलीलुल्लाह की कुर्बानी और उनके त्याग को याद किया गया। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बताया कि यह पर्व त्याग, समर्पण और अल्लाह की राह में कुर्बानी देने की सीख देता है।
बताया जाता है कि हज़रत इब्राहिम अपने पुत्र हज़रत इस्माईल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हुए थे, लेकिन अल्लाह ने उनकी निष्ठा और समर्पण को स्वीकार करते हुए हज़रत इस्माईल की जगह दुम्बे की कुर्बानी का आदेश दिया। तभी से ईदु-उल-अज़हा का पर्व कुर्बानी और त्याग के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकराईद की मुबारकबाद दी और समाज में भाईचारा एवं सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
वहीं पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मस्जिदों एवं ईदगाहों पर पुलिस बल तैनात रहा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में पर्व सम्पन्न कराने पर प्रशासन का आभार व्यक्त किया।




