सूर्य के चारों ओर बना चमकीला वलय बना आकर्षण का केंद्र, विशेषज्ञों ने बताया वैज्ञानिक कारण
(रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। शुक्रवार दोपहर आसमान में सूर्य के चारों ओर दिखाई दिया चमकीला गोलाकार घेरा लोगों के बीच चर्चा और आकर्षण का विषय बन गया। इस दुर्लभ और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य को देखने के लिए लोग अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस अद्भुत नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया।
सूर्य के चारों ओर बने इस प्रकाशमंडल को देखकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ लोगों ने इसे मौसम में संभावित बदलाव का संकेत माना, जबकि कई लोगों ने इसे प्रकृति का अनोखा और मनोहारी दृश्य बताया। लंबे समय बाद इस प्रकार का दृश्य दिखाई देने से लोगों में उत्सुकता बनी रही।
इस संबंध में बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि इस प्राकृतिक घटना को “सोलर हेलो” अथवा “22 डिग्री हेलो” कहा जाता है। यह ऊपरी वायुमंडल में मौजूद बर्फीले क्रिस्टलों से होकर गुजरने वाली सूर्य की किरणों के अपवर्तन (Refraction) के कारण बनता है। जब सूर्य का प्रकाश इन सूक्ष्म बर्फ कणों से टकराता है तो उसके चारों ओर एक गोलाकार प्रकाश वलय दिखाई देता है।
उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक और सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है। कई बार इसे मौसम में परिवर्तन के संकेत के रूप में भी देखा जाता है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियां ऊंचाई पर मौजूद पतले सिरस (Cirrus) बादलों से जुड़ी होती हैं। हालांकि यह कोई असामान्य या चिंताजनक घटना नहीं है।
सोलर हेलो के इस अद्भुत दृश्य ने पूरे दिन लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और प्रकृति के अनूठे स्वरूप को देखने का अवसर प्रदान किया।




