श्री शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन धर्मसभा में सनातन संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश, हजारों श्रद्धालुओं ने रुद्राक्ष धारण कर धर्म रक्षा का लिया संकल्प
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, चौबेपुर (वाराणसी)। चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा-हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन धर्मसभा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर कथा एवं प्रवचन के दौरान श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने सनातन संस्कृति के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनि एवं संत-महात्मा संपूर्ण विश्व में भ्रमण कर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करते थे। इसी कारण एक समय विश्व के अनेक देशों में सनातन संस्कृति की प्रभावशाली उपस्थिति थी।
उन्होंने कहा कि महर्षि अगस्त्य ने समुद्र पार कर ऑस्ट्रेलिया सहित अनेक क्षेत्रों में धर्म का प्रचार किया, जबकि कंबू ऋषि ने कंबोडिया में सनातन संस्कृति का विस्तार किया। इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों ने भी विभिन्न देशों तक भारतीय संस्कृति की पताका फहराई। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वर्तमान समय में प्रत्येक सनातनी का दायित्व है कि वह अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाए।
धर्मसभा के समापन पर हजारों श्रद्धालुओं ने रुद्राक्ष धारण कर सनातन धर्म की रक्षा एवं संस्कृति के संवर्धन का संकल्प लिया। पूरे आयोजन स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह, सुशील सिंह रघुवंशी, संजय रघुवंशी, सुदर्शन सिंह, प्रवेश सिंह, बालकिशन यादव, राजेश यादव, संतोष सिंह, रोहित सिंह रघुवंशी, सुशील सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




