नमाज़-ए-जुमा के बाद कर्बला के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, नौहाख्वानी, मातम और ज़ंजीरज़नी के बीच हसन बाग इमामबाड़े पर संपन्न हुआ जुलूस
रिपोर्ट : विवेक राय
SHREE 7NEWS, रामनगर (वाराणसी)। मोहर्रम की दसवीं तारीख आशूरा के अवसर पर शुक्रवार को रामनगर में पारंपरिक अलम, दुल्दुल एवं ताबूत का जुलूस श्रद्धा, अनुशासन और गमगीन माहौल में निकाला गया। नमाज़-ए-जुमा के बाद यह जुलूस मरहूम अली अनवर के आवास से प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
जुलूस शुरू होने से पहले आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना फरमान रज़ा नजफ़ी ने कर्बला की ऐतिहासिक घटना का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन एवं उनके 72 साथियों की शहादत को इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए दी गई महान कुर्बानी बताया। उनके भावपूर्ण संबोधन से मजलिस में उपस्थित अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं।
इसके बाद जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग गोलाघाट, किला रोड, सब्ज़ी मंडी, चौक, नमक बाज़ार और साहित्यनाका होते हुए हसन बाग इमामबाड़ा पहुंचा। पूरे मार्ग में अंजुमन मुहाफ़िज़-ए-अज़ा के सदस्यों ने नौहाख्वानी, मातम, ज़ंजीरज़नी और कमाज़नी कर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। धार्मिक नारों और श्रद्धा के वातावरण के बीच अलम, दुल्दुल और ताबूत का जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
जुलूस में प्रमुख रूप से मौलाना फरमान रज़ा, मौलाना तहज़ीबुल हसन, सैय्यद इनाम रज़ा, सैय्यद अख्तर रज़ा आब्दी, नदीम आब्दी, जाफ़र आब्दी, बाक़र आब्दी, कुमैल रज़ा, एबाद रज़ा, शबीब हैदर, इजलाल हैदर, समर अब्बास, सैय्यद रज़ी ज़ैदी, मोहम्मद मेहंदी चुन्ने, बाक़र रज़ा, सैय्यद तस्नीम आब्दी, मोहम्मद अज़हान हुसैन, शबीहुल हसन फ़ातमी, आज़म रिज़वी, शहंशाह मिर्ज़ापुरी, अंबर तुराबी, मिर्ज़ा मुशीर हसन, महताब हुसैन, मुन्ना मिर्ज़ा, कासिम रज़ा, ज़मीर मिर्ज़ा, हादी हुसैन, रज़ा काज़मी, नकी हसन ‘विक्की’, यूसुफ़ रिज़वी ‘रईस’, मोहम्मद आसिफ, मुजम्मिल मिर्ज़ा, अरमान, कुमैल, मोहम्मद मेहंदी सल्लन, सरफ़राज़, बशर, शारीद, अमन, मीसम, जिम्मी सहित सैकड़ों अकीदतमंद शामिल रहे।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने आपसी भाईचारे और अनुशासन का परिचय दिया। जुलूस के शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न होने पर क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।




