पत्रकार प्रेस क्लब की संगोष्ठी में पत्रकारिता के दायित्व, चुनौतियों और बदलते तकनीकी दौर पर हुआ गंभीर मंथन
रिपोर्ट : अभिषेक उपाध्याय
SHREE 7NEWS, जौनपुर। पत्रकार प्रेस क्लब इकाई जौनपुर के तत्वावधान में रविवार को जिला मुख्यालय स्थित पत्रकार भवन, कचहरी परिसर में “पत्रकारिता के दायित्व एवं बदलते परिदृश्य” विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर के पत्रकारों ने सहभागिता कर पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों, सामाजिक जिम्मेदारियों और भविष्य की दिशा पर विस्तृत चर्चा की।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि एवं पत्रकार प्रेस क्लब के संस्थापक/प्रदेश अध्यक्ष तथा एक दैनिक समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक घनश्याम पाठक ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का प्रसारण नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के इस तीव्र सूचना युग में पत्रकारों की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। किसी भी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने से पूर्व उसकी तथ्यात्मक सत्यता की पुष्टि करना आवश्यक है, क्योंकि अपुष्ट एवं भ्रामक समाचार समाज में भ्रम फैलाने के साथ-साथ पत्रकारिता की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करते हैं।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज भूषण मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों को सदैव निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित सर्वोपरि की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज के वंचित, शोषित और आम नागरिक की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुँचाना तथा जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाना है।
इस अवसर पर जौनपुर इकाई के जिलाध्यक्ष कृपाशंकर यादव ने पत्रकारिता के समक्ष मौजूद चुनौतियों, बदलते तकनीकी परिवेश, पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकारों तथा संगठन की मजबूती पर अपने विचार रखे। उन्होंने पत्रकारों से संगठनात्मक एकता बनाए रखने और पत्रकारिता की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा, निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता तथा संगठन की एकजुटता को और मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ। यह आयोजन पत्रकारों के लिए अनुभवों के आदान-प्रदान, वैचारिक मंथन तथा पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को पुनः आत्मसात करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एक दैनिक समाचार पत्र के प्रधान संपादक रामजी जायसवाल ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल हक अंसारी ने किया।
संगोष्ठी में प्रमुख रूप से पंकज भूषण मिश्रा, रामजी जायसवाल, कृपाशंकर यादव, अजीत सिंह, दीपक श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा, गुलजार अली, पवन गुप्ता, कमलेश यादव, आलोक सिंह, संजय चौरसिया, विनोद विश्वकर्मा, सुधीर उपाध्याय, बृजनंदन स्वरूप, राजेश पाल, सुभाष पाल, राजकुमार बेनवंशी, लालचंद्र निषाद, अरविंद कुमार यादव, अरविंद कुमार पटेल, डॉ. विजय बहादुर यादव, अनुपम कुमार मौर्य, जहीर खान, पृथ्वीराज कुमार, गोविंद कुमार, प्रवीण कुमार, विनीत कुमार, राम सहाय, सर्वेश कुमार, संजय यादव, शेखर चौहान, रामाज्ञा यादव, अजीत बादल, नीरज सिंह, अंकित श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत पाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।




