ट्रैन्चलेस तकनीक से बिछेगी आधुनिक सीवर लाइन, 50 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ; राजघाट व हनुमान फाटक क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्या होगी दूर
रिपोर्ट : विवेक राय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। नगर निगम वाराणसी शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में रविवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के आदमपुर जोन अंतर्गत राजघाट (वार्ड संख्या-15) तथा हनुमान फाटक (वार्ड संख्या-67) के कज्जाकपुरा, लाट भैरव स्थित सोनकर बस्ती एवं दाल मिल क्षेत्र में प्रस्तावित सीवर लाइन निर्माण परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया।
करीब 1 करोड़ 78 लाख 98 हजार रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 80 मीटर मुख्य सीवर लाइन आधुनिक ट्रैन्चलेस तकनीक (बिना सड़क खोदे पाइप बिछाने की प्रणाली) से तैयार की जाएगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 50 हजार से अधिक नागरिकों को वर्षों से चली आ रही जलभराव, गंदगी और सीवर निकासी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी का सर्वांगीण विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा तथा विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के मार्गदर्शन में उन क्षेत्रों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जो लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से वंचित थे।
महापौर ने निर्माण कार्य से जुड़ी तकनीकी टीम को निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा, उच्च गुणवत्ता तथा पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्रीय नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।
इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, क्षेत्रीय पार्षद रोहित जायसवाल (हनुमान फाटक) एवं रीना सोनकर (राजघाट) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व पार्षद विजय सोनकर, पार्षद संजय विशम्भरी एवं लकी भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष तारकेश्वर नाथ गुप्ता (बंटी) एवं बबलू सेठ, मंडल महामंत्री शुभम चौरसिया, नामित पार्षद सुधीर त्रिपाठी ‘मुन्ना’, संतोष सोलापुरकर, मनोज यादव, वरिष्ठ कार्यकर्ता जनक नलिन नयन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
इस परियोजना को क्षेत्र के नागरिकों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक शहरी सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




