नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शेष नालों की सफाई के लिए दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, जीपीएस मॉनिटरिंग से रखी जा रही निगरानी
रिपोर्ट : विवेक राय
SHREE 7NEWS, वाराणसी। मानसून से पहले शहर को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने नाला सफाई अभियान को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। नगर निगम के अनुसार शहर के कुल 386 छोटे-बड़े नालों में से 364 नालों की सिल्ट सफाई एवं गाद निकासी का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से पूरी कराने के लिए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को तीन दिनों का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
नगर निगम के अनुसार नालों की सफाई का दायित्व स्वास्थ्य विभाग एवं सामान्य अभियंत्रण (इंजीनियरिंग) विभाग के बीच विभाजित है। स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले 258 छोटे एवं मझोले नालों में लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें से लगभग 250 नालों की पूरी तरह तली झाड़ सफाई एवं गाद निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष आठ नालों पर तेजी से कार्य जारी है।
सफाई अभियान के तहत ककरमत्ता, भेलूपुर, पांडेयपुर, आदमपुर, सिगरा, नारायणपुर, नेवादा, भगवानपुर, लेढ़पुर, अलईपुरा, लोहता, लहरतारा, सारनाथ, नदेसर, जेतपुरा, कंदवा, सुसवाही, हुकुलगंज, शिवपुर, दीनापुर, चौकाघाट, मंडुवाडीह, पुराना रामनगर और फुलवरिया सहित विभिन्न क्षेत्रों के नालों की व्यापक सफाई कराई गई है।
वहीं, सामान्य अभियंत्रण विभाग के अधीन आने वाले 128 प्रमुख नालों की सफाई भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अभियान के दौरान वरुणापार, सारनाथ, भेलूपुर, दशाश्वमेध, आदमपुर, रामनगर एवं ऋषिमाण्डवी जोन के बड़े, मझोले और छोटे नालों से सिल्ट निकालने के साथ आवश्यक मरम्मत कार्य भी पूरा किया गया है। ऋषिमाण्डवी एवं सारनाथ जोन के तीन नालों का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
नगर निगम ने इस बार सफाई कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की है। भेलूपुर-अस्सी घाट पुलिया मार्ग, दशाश्वमेध-जगतगंज मरीमाई मंदिर, ऋषिमाण्डवी (लोहता धमरिया पुल) तथा वरुणापार लालपुर-मीरापुर बसही जैसे संवेदनशील नालों की सफाई के बाद की लाइव तस्वीरें सीधे उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही हैं।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि मानसून के दौरान शहरवासियों को जलभराव और जलनिकासी की समस्या का सामना न करना पड़े। नगर निगम का दावा है कि इस बार समय रहते की गई व्यापक तैयारी से वाराणसी के अधिकांश क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।




