तीन कमरों का मिट्टी का मकान भरभराकर गिरा; गेहूं, चावल, दाल समेत घर-गृहस्थी का सामान मलबे में दबा
रिपोर्ट: विवेक राय
चोलापुर (वाराणसी)। ग्रामीण क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के बीच चोलापुर थाना क्षेत्र के डिहवा ग्राम सभा के काकलपुर गांव में बीती रात करीब 4 बजे एक तीन कमरों का कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मकान गिरने से परिवार का खाने-पीने और पहनने का सामान समेत घर-गृहस्थी का काफी सामान मलबे में दब गया। गनीमत रही कि मकान गिरने से पहले परिवार के सभी सदस्य बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
पीड़ित राजकुमार राजभर के अनुसार, मकान में उनका परिवार सो रहा था। परिवार में सात बच्चे और दो बच्चियां हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार के अन्य सदस्यों और नातियों के साथ सभी लोग मकान में सोए हुए थे। रात में अचानक मिट्टी भरभराने की आवाज सुनाई दी। खतरे का अंदेशा होते ही परिवार के सदस्य तत्काल घर से बाहर निकल आए। उनके बाहर आने के कुछ ही समय बाद पूरा कच्चा मकान ढह गया।
मकान में परिवार की चार बकरियां भी बंधी हुई थीं। परिवार ने तत्काल उन्हें खोलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
राजकुमार ने बताया कि मकान में करीब 5 कुंतल गेहूं, 1 कुंतल चावल और 20 किलो रहर की दाल सहित खाने-पीने की अन्य सामग्री रखी थी। मकान गिरने के बाद यह पूरा सामान मलबे में दब गया। इसके अलावा सोने के बिस्तर, चारपाई और पहनने-ओढ़ने सहित घरेलू सामान भी नष्ट हो गया।
मकान ढहने के बाद पीड़ित परिवार के सामने खाने-पीने और रहने की समस्या खड़ी हो गई है। राजकुमार ने बताया कि परिवार के पास फिलहाल रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था कराने तथा सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
मकान गिरने की सूचना पीड़ित परिवार ने तत्काल ग्राम प्रधान को दी। सूचना मिलने पर प्रधान मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद मामले की जानकारी क्षेत्रीय लेखपाल को दी गई। पीड़ित के अनुसार, लेखपाल ने आवश्यक मदद का आश्वासन दिया है।
राजकुमार ने कहा कि यह संयोग रहा कि मकान गिरने से पहले परिवार के सभी सदस्य बाहर निकल आए, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना में किसी के जान-माल की क्षति नहीं हुई, लेकिन परिवार का घर, राशन और घरेलू सामान मलबे में दब जाने से उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।




