सीएम योगी ने आठ साल की विकास यात्रा रखी सदन में, शहरी-ग्रामीण ढांचे में बड़े बदलाव का दावा
लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल (2017-2025) की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि 1947 से 2017 तक विपक्षी दलों के शासन में शहरी और ग्रामीण विकास अव्यवस्थित रहा, जिससे बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना रहा।
सीएम ने बताया कि उनकी सरकार ने शहरीकरण को गति देने के लिए 117 नए नगरीय स्थानीय निकाय बनाए और 123 का विस्तार किया। 17 स्मार्ट सिटी विकसित की गईं, जबकि जिला मुख्यालय वाले नगर निकायों को भी स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर लखनऊ सहित छह जिलों को मिलाकर राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) का गठन किया गया। वहीं, वाराणसी-विंध्य इकोनॉमिक रीजनल डेवलपमेंट प्लान अंतिम चरण में है।
सीएम योगी ने कहा कि AMRUT 1.0 के तहत 10,273 करोड़ रुपये की 328 परियोजनाओं से 9.21 लाख जल और 8.77 लाख सीवर कनेक्शन दिए गए, साथ ही 423 एकड़ हरित क्षेत्र विकसित किया गया। AMRUT 2.0 में 15,629 करोड़ रुपये की 539 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसमें 43 लाख जल और 5 लाख सीवर कनेक्शन का लक्ष्य है। राज्य खुले में शौच से मुक्त (ODF) हो चुका है, और आकांक्षी नगर योजना व सीएम नगर सृजन योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है।
ग्रामीण विकास का ब्योरा देते हुए योगी ने बताया कि 2017 से 2025 के बीच 56.80 लाख से अधिक परिवारों को पक्के मकान दिए गए। मनरेगा के तहत 235 करोड़ मानव दिवस सृजित हुए, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 42% से अधिक रही। 98 लाख परिवार स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़े, और 2,510 उचित दर की दुकानें इनके माध्यम से संचालित हो रही हैं।
165 विकास खंड मुख्यालयों को दो-लेन सड़कों से जोड़ा गया और 1,385 किलोमीटर सड़क निर्माण किया गया। 25,000 किलोमीटर ग्रामीण मार्गों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण हुआ। अमृत सरोवर निर्माण में यूपी देश में पहले स्थान पर है। हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय और हर गांव में आपदा मित्र की नियुक्ति की गई है, ताकि आपदा प्रबंधन में त्वरित मदद मिल सके।






