IAS बनना चाहते थे महेंद्र, दो बार दी थी UPSC परीक्षा, बाद में बने कॉलोनाइजर
वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर स्थित अरिहंत नगर कॉलोनी में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के बाद परिजनों ने उनके संघर्ष और जीवन के बारे में कई बातें साझा कीं। महेंद्र के साले पुष्पेंदु गौतम ने बताया कि महेंद्र का सपना IAS बनने का था। वे UPSC की तैयारी करते थे और परीक्षा भी दो बार दी थी। कुछ प्रयासों में प्री परीक्षा क्लियर भी कर ली थी, लेकिन सफलता अंतिम चरण तक नहीं मिल सकी। इसके बाद परिवार के समझाने पर उन्होंने व्यवसाय की ओर रुख किया।
महेंद्र ने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया और धीरे-धीरे कॉलोनाइजर के रूप में अपनी पहचान बनाई। सिविल सर्विसेज की तैयारी से मिली जानकारी और व्यावहारिक स्वभाव ने उन्हें व्यवसाय में आगे बढ़ने में मदद की। वे साफ-सुथरी बातचीत और स्पष्ट स्वभाव के कारण सभी के प्रिय बन गए।
गुरुवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे महेंद्र की बहन प्रियंका ने फोन कर उनकी हत्या की सूचना साले पुष्पेंदु को दी। वे दिल्ली से पहली फ्लाइट पकड़कर बनारस पहुंचे और सिंहपुर स्थित घर पर परिवार को ढांढस बंधाया। महेंद्र की पत्नी प्रियंका, बेटा नलिन, बेटियां रिद्धिमा और रिम्मी का रो-रोकर बुरा हाल था।
महेंद्र के पुराने सहयोगी प्रेमनाथ यादव ने बताया कि 21 अगस्त की सुबह करीब आठ बजे अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में बाइक सवार तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े महेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
शाम को पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार सरायमोहना घाट पर बौद्ध रीति-रिवाज से किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस अब तक दो हजार से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी है और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें लगाई गई हैं।


