नात, तकरीर और मुहब्बत-ए-रसूल से गूंज उठा पूरा गांव
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के ग्राम सभा कौवापुर नई मस्जिद में मंगलवार की देर रात नमाज़-ए-ईशा के बाद हुसैनिया कमेटी कौवापुर के नवयुवकों द्वारा जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की याद में एक भव्य जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में पूरे क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। मस्जिद और परिसर को रोशनी, सजावट और तिरंगों से सजाया गया था। जलसे की सदारत हज़रत अल्लामा मौलाना इरशाद रब्बानी साहब किबला (शक्कर तालाब, वाराणसी) ने की। उन्होंने अपने तकरीर में कहा कि “हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की सीरत इंसानियत के लिए सबसे बड़ा आदर्श है।”
कार्यक्रम में मंच पर शकील अहमद मुजद्दिदी साहब किबला, शायर मुमताज़ तांडवी, सद्दाम वहीदी, अब्दुल गनी रज़ा बनारसी, अयान अख्तर इस्माइली, मौलाना फरीद, और मौलाना फैजुर्रहमान सहित कई उलमा-ए-किराम और नातगो शायरों ने अपनी पेशकशों से जलसे को रोशन किया।
नात, मुशायरा और तकरीर के दौरान बार-बार “नारे तकबीर – अल्लाहु अकबर” और “या रसूलल्लाह” के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा। अहले सुन्नत की बड़ी संख्या में मर्दों और औरतों ने इस जलसे में शिरकत की।
कार्यक्रम के सफल संचालन में मोगीस आलम, जियाउर्रहमान, इबादुर्रहमान, बसीर अहमद, अब्दुल कादिर, डॉ. जाहिद, शाहनवाज़ अहमद, मोबीन अंसारी, शाहिद हाश्मी, नेहाल, जुल्फेकार, मुबारक अली, बेलाल अहमद, ग्राम प्रधान नीरज पाल तथा पूर्व प्रधान नागसेन गौतम का विशेष योगदान रहा।





