राम मंदिर ध्वजारोहण : प्रधानमंत्री ने कहा—आज पूरी दुनिया हुई राममय
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर बने नव्य-भव्य मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मध्वज का विधिवत आरोहण किया। लगभग दो किलो वजनी केसरिया ध्वजा के शिखर पर लहराते ही मंदिर पूर्णता की ओर अग्रसर होता प्रतीत हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रधानमंत्री मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संत समाज और उपस्थित भक्त भावविभोर हो उठे।
प्रधानमंत्री ने इसे “सदियों के घाव भरने का क्षण” बताते हुए कहा कि आज पूरा विश्व राममय हो गया है। उन्होंने कहा कि राम विनम्रता में महाबल और मर्यादा के प्रतीक हैं तथा देश को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आगे बढ़ना होगा।
मोदी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े कारीगरों, वास्तुकारों और श्रमवीरों को नमन करते हुए कहा कि रामकथा में शबरी, केवट, निषादराज, जटायु व गिलहरी जैसे पात्रों का योगदान समाज को सहभागिता का संदेश देता है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था साकार हुई है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद बना मंदिर अपेक्षा से भी अधिक भव्य है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीढ़ियों की प्रतीक्षा आज साकार हुई है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
ध्वजारोहण से पूर्व प्रधानमंत्री ने माता अन्नपूर्णा मंदिर, शेषावतार मंदिर तथा सप्त ऋषि मंदिरों में पूजा-अर्चना की। शुभ मुहूर्त 11:58 बजे से 12:30 बजे तक निर्धारित था।
मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण के दौरान मंगल-स्वस्ति गान प्रस्तुत किया गया, जिसका संयोजन साहित्यकार यतीन्द्र मिश्र ने किया। अयोध्या की सड़कों पर प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान जगह–जगह लोक कलाकारों ने नृत्य-गायन के माध्यम से स्वागत किया।
राम मंदिर का मुख्य शिखर पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित है, जबकि 800 मीटर का परकोटा दक्षिण भारतीय स्थापत्य परंपरा को दर्शाता है। मंदिर परिसर में छह पूरक मंदिर भी समान ऊंचाई व अधिष्ठान पर निर्मित हैं।
कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।






