राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में मंत्री ने किया वेबसाइट का शुभारंभ
वाराणसी। आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि संस्कार आधारित आयुर्वेद शिक्षा से छात्रों का व्यक्तित्व निखरता है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका भविष्य मजबूत होता है। वे शनिवार को राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, चौकाघाट में मुख्य अतिथि के रूप में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान मंत्री ने आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लगी पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा चिकित्सालय में आने वाले रोगियों को उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विकसित नवीन वेबसाइट (सॉफ्टवेयर) का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. नीलम गुप्ता तथा संचालन प्रो. सुमन यादव ने किया। विगत 15 दिनों से आयोजित संस्कार–पीजी ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2025 में देशभर के अनुभवी विषय विशेषज्ञों ने छात्रों को व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, साइबर सुरक्षा, प्रशासनिक दक्षता, नैतिक मूल्यों तथा आयुष चिकित्सा शिक्षा में हो रहे उत्कृष्ट अनुसंधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. मिश्र ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के ज्ञानवर्धक सत्र विद्यार्थियों को संस्कारित तथा योग्य चिकित्सक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।
यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित था, जिसका उद्देश्य उच्च नैतिकता एवं संस्कारयुक्त विद्वान छात्रों की नई पीढ़ी तैयार करना है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, चिकित्सक, कर्मचारी तथा छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर संतोष सैनी, गौरव राठी, सुधीर त्रिपाठी, सौरभ पाठक सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। मंच संचालन डॉ. जितेन्द्र कुमार ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मृगांक शेखर ने दिया।





