4.68 लाख से अधिक मामलों का समाधान, 18.27 करोड़ रुपये की वसूली
वाराणसी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज संजय शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच है, जिससे न केवल वादों का शीघ्र निस्तारण होता है, बल्कि आपसी सौहार्द भी मजबूत होता है।
लोक अदालत के दौरान न्यायालय एवं प्रशासन से जुड़े कुल 4,68,913 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके माध्यम से 18,27,08,023.48 रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
जनपद न्यायालय स्तर पर कुल 31,965 मामलों का निस्तारण हुआ। इनमें 144 दीवानी, 65 पारिवारिक और 53 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के मामले शामिल रहे। बीमा कंपनियों के माध्यम से पीड़ितों को 2.28 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। वहीं फौजदारी के 31,057 मामलों में 20.11 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया। एनआई एक्ट से जुड़े 154 मामलों का भी निस्तारण किया गया।
बैंकों व प्री-लिटिगेशन के 2,284 मामलों में आपसी समझौते के जरिए 10.03 करोड़ रुपये की वसूली तय हुई। प्रशासन व अन्य विभागों से संबंधित 4,36,948 मामलों में 12.04 करोड़ रुपये तथा श्रम विभाग के 23 मामलों में 38.54 लाख रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अनिरुद्ध कुमार तिवारी, भूमि अर्जन पुनर्वास प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी सत्यानंद उपाध्याय, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार, नोडल अधिकारी अनिल कुमार शुक्ला व यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जीएम बीएन सिंह सहित अनेक न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
लोक अदालत के दौरान वादकारियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क लगाए गए। साथ ही जिला व केंद्रीय कारागार, बाल संप्रेक्षण गृह तथा आफ्टर केयर होम के संवासियों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक कुमार ने सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।




