नंगे पांव ठंड में चल रहे बच्चों को मदद फाउंडेशन ने दिलाई गर्मी और सम्मान, शोरूम में खुद चुने नए जूते
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
प्रयागराज। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच फुटपाथ पर रहने वाले बच्चों के लिए मदद फाउंडेशन ने एक यादगार दिन बनाया। रविवार को फाउंडेशन की 178वीं ‘रविवार की रसोई’ के दौरान भूख मिटाने के साथ बच्चों के चेहरे पर खुशियों की चमक लौटाई गई।
फाउंडेशन की राष्ट्रीय महासचिव अमृता तिवारी की नजर उन छोटे बच्चों पर पड़ी जो ठंड में भी नंगे पैर चल रहे थे। उनकी हालत देखकर संस्थापक मंगला प्रसाद तिवारी ने तुरंत बच्चों को अपनी कार में बैठाया।
कल तक केवल दूर से देखी जाने वाली लग्जरी कार में बैठकर बच्चों ने शहर के एक बड़े फुटवियर शोरूम का रुख किया। वहां बच्चों ने खुद अपने पसंद के जूते और चप्पल चुने। नई चमक और खुशियों से बच्चों की आंखें रोशन हो गईं।
मंगला प्रसाद तिवारी ने बताया कि समाज के इस तबके को केवल भोजन और कपड़े ही नहीं, बल्कि सम्मान और प्यार की भी आवश्यकता है। बच्चों का उत्साह यह दिखाता है कि छोटी-छोटी खुशियां उनके लिए कितनी बड़ी चीज हैं।
मदद फाउंडेशन की सेवाओं का सिलसिला
निराश्रितों को निशुल्क चिकित्सा शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा।
जरूरतमंदों को स्वेटर, जैकेट और कंबल वितरण।
हर रविवार सैकड़ों लोगों तक गरमा-गरम भोजन की व्यवस्था।
इस पुनीत कार्य में अरविंद पांडे, आदर्श पाठक, राजेंद्र पाल और पुनीत श्रीवास्तव सहित पूरी टीम ने सहयोग दिया। बच्चों के माता-पिता ने फाउंडेशन को आशीर्वाद दिया और कहा कि जो उनके अपने नहीं कर सके, वह संस्था ने कर दिखाया।
मंगला प्रसाद तिवारी, संस्थापक – मदद फाउंडेशन
“चलो खुशियां बांटे”






