शीतलहर, घना कोहरा व अत्यधिक ठंड से बचाव हेतु जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
भदोही। शीतलहर, घने कोहरे एवं अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शैलेष कुमार के निर्देशन तथा अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) कुंवर वीरेंद्र मौर्य के पर्यवेक्षण में यह एडवाइजरी जनपदवासियों के लिए जारी की गई है, ताकि ठंडजनित जोखिमों से बचाव किया जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार—
स्थानीय रेडियो, दैनिक समाचार पत्र, टीवी व मोबाइल फोन के माध्यम से नियमित रूप से मौसम की जानकारी लेते रहें।
कोयले की अंगीठी, मिट्टी तेल का चूल्हा, हीटर, ब्लोवर आदि का प्रयोग करते समय विशेष सावधानी बरतें तथा कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें, जिससे जहरीली गैस या धुआं जमा न हो।
शरीर को सूखा रखें। गीले कपड़े तुरंत बदल लें, क्योंकि इससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।
घर में अलाव की व्यवस्था न होने पर अत्यधिक ठंड के दिनों में प्रशासन द्वारा संचालित सामुदायिक केंद्रों व आश्रय स्थलों पर जाएं, जहां अलाव की व्यवस्था की गई है।
ऊनी कपड़े, स्वेटर, टोपी, मफलर आदि का प्रयोग करें। ऊनी कपड़ों की कमी होने पर दो-तीन कपड़े एक के ऊपर एक पहनकर ठंड से बचाव किया जा सकता है।
अत्यधिक ठंड व कोहरे की स्थिति में छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों को यथासंभव घर के अंदर ही रखें।
शरीर की ऊष्मा बनाए रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
धूप निकलने पर उसका सेवन करें, यह शीतलहर से बचाव में सहायक होता है।
हाइपोथर्मिया के लक्षण जैसे असामान्य शरीर तापमान, भ्रम, स्मृति हानि, बेहोशी, अत्यधिक ठिठुरन, सुस्ती, थकान, तुतलाहट आदि दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
शीतदंश के लक्षण जैसे शरीर के अंगों का सुन्न पड़ना, हाथ-पैर की उंगलियों, कान या नाक पर सफेद या पीले धब्बे दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
अपने आसपास अकेले रहने वाले पड़ोसियों, विशेषकर बुजुर्गों का ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
ठंड के दौरान पालतू पशुओं व पक्षियों के बाड़ों को ऊष्मा रोधी बनाएं। खिड़की-दरवाजे ढकें, लेकिन वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त स्थान खुला रखें।
सोते समय सिगड़ी, अलाव या अंगीठी बुझाकर सोएं। बंद स्थानों में इन्हें जलाने से बचें, जिससे आगजनी व दम घुटने की घटनाओं से बचाव हो सके।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे जारी की गई एडवाइजरी का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।






