स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत और संघ की भूमिका पर हुआ मंथन
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महानगर गोरखपुर द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर “स्वामी विवेकानंद जी के सपनों का भारत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सरस्वती विद्या मंदिर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, आर्यनगर गोरखपुर के सभागार में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, विधि विशेषज्ञ, साहित्यकार एवं प्रखर वक्ता माननीय अश्वनी उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने मुख्य वक्तव्य में स्वामी विवेकानंद के विचारों, राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका तथा सामाजिक एकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व कुलपति आदरणीय चंद्रशेखर जी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश माननीय गिरिजेश जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गोरक्ष प्रांत के प्रांत संघचालक माननीय डॉ. महेंद्र जी एवं विभाग प्रचारक माननीय अजय नारायण जी की भी विशेष उपस्थिति रही।
विचार गोष्ठी में शहर और नगर के विभिन्न वर्गों से आए प्रबुद्ध नागरिकों, गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र, संस्कृति, एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े विषयों पर विचार व्यक्त किए गए।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में समाज की भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।






