सोहगीबरवा जंगल क्षेत्र में दहशत, वन विभाग ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
कुशीनगर। सोहगीबरवा जंगल क्षेत्र से सटे खड्डा थाना क्षेत्र के मरिचहवा गांव में शुक्रवार की शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां लकड़ी बीनने निकली 14 वर्षीय किशोरी को बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया। शनिवार सुबह गन्ने के खेत में किशोरी का क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराजगंज जनपद के सोहगीबरवा गांव के मदरसा टोला निवासी उमेश कन्नौजिया की 14 वर्षीय पुत्री गुड्डी उर्फ लछिया शुक्रवार की शाम ठंड से बचाव के लिए सूखी लकड़ी बीनने घर से निकली थी। लकड़ी इकट्ठा करने के बाद वह पास के गन्ने के खेत में गन्ना तोड़ने चली गई। इसी दौरान अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया और उसे गन्ने के खेत की ओर खींच ले गया।
घटना के समय साथ मौजूद सहेलियों ने शोर मचाया और दौड़कर गांव पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण पूरी रात किशोरी की तलाश में जुटे रहे, लेकिन अंधेरा और जंगल क्षेत्र होने के कारण कोई सफलता नहीं मिल सकी।
शनिवार सुबह गांव से कुछ दूरी पर निचलौल वन क्षेत्र की सोहगीबरवा रेंज के समीप मरिचहवा की ओर खेत देखने गए लोगों को गन्ने के खेत में किशोरी का शव खून से लथपथ अवस्था में मिला। शव के दोनों हाथ गायब थे। बाद में गन्ने के खेत से ही किशोरी के आधे खाए हुए दोनों हाथों के अवशेष भी बरामद किए गए।
ग्रामीणों के अनुसार खेत से जंगल की ओर खून के धब्बे मिले, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ ने रातभर खेत में किशोरी को नोचा और बाद में शव को जंगल की ओर ले गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वन विभाग ने क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं ग्रामीणों ने बाघ को जल्द पकड़ने और इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। लोग बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है।






