बाराबंकी में प्रिंसिपल ऑफिस में फंदे से लटकी मिली महिला टीचर, पति ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
बाराबंकी। जनपद बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र अंतर्गत उधवापुर स्थित एक सरकारी कंपोजिट विद्यालय में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब महिला शिक्षिका का शव प्रिंसिपल के कार्यालय में फंदे से लटकता मिला। मृतका की पहचान उमा वर्मा उर्फ माला (40) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
सुबह स्कूल छोड़ा, ऑफिस में मिला शव
बताया गया कि शनिवार सुबह उमा वर्मा के पति ऋषि वर्मा उन्हें स्कूल छोड़कर अपने विद्यालय चले गए थे। स्कूल पहुंचने के बाद उमा ने कक्षा में अपना बैग रखा और इसके बाद प्रिंसिपल के कार्यालय में चली गईं। काफी देर तक बाहर न आने पर स्टाफ ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जब कार्यालय में झांककर देखा गया तो वह रस्सी के सहारे फंदे से लटकी मिलीं।
पति और भाई ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
मृतका के पति ऋषि वर्मा, जो स्वयं शिक्षक हैं, ने स्कूल की प्रिंसिपल सीतावती और अन्य स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ साल से उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। वह मन लगाकर बच्चों को पढ़ाती थीं, लेकिन इसी बात को लेकर स्टाफ उनके खिलाफ टीका-टिप्पणी करता था और सामूहिक शिकायतें की जाती थीं।
वहीं मृतका के भाई शिवाकांत वर्मा ने भी आरोप लगाया कि स्टाफ के कुछ सदस्य लगातार उनकी बहन को परेशान कर रहे थे और ट्रांसफर की मांग के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
इलाज न मिलने का भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि जब शिक्षिका को फंदे से लटका देखा गया, तब किसी ने तत्काल उन्हें उतारकर अस्पताल पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। यदि समय पर इलाज मिलता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी दावा किया कि पुलिस को सूचना देने से पहले कमरे की स्थिति बदली गई।
पुलिस जांच में जुटी, विभाग ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना पर सतरिख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं।
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षिका द्वारा उत्पीड़न की कोई औपचारिक शिकायत विभाग को प्राप्त नहीं हुई थी।
घटना से क्षेत्र में शोक, शिक्षा जगत में सवाल
सरकारी स्कूल में शिक्षिका की आत्महत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग विद्यालय परिसर में एकत्र हो गए। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में कार्यस्थल पर मानसिक दबाव और आपसी तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






