फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी पीएम किसान की किस्त
वाराणसी। मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन योजना तथा कृषि से संबद्ध विभागों की गतिविधियों के तहत केसीसी ऋण के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस निर्धारण पर चर्चा की गई।
बैठक में कृषि, पशुपालन सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ पुलिस विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जनपद के सभी विकास खंडों से बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने किया। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को विभिन्न फसलों से संबंधित सूची उपलब्ध कराई और योजनाओं की जानकारी दी।
अंत में किसानों से उनकी वास्तविक लागत के बारे में जानकारी ली गई, ताकि उसी के अनुरूप विभिन्न फसलों के लिए वित्तमान (स्केल ऑफ फाइनेंस) का निर्धारण किया जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि समय से फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 74 हजार ऐसे किसान हैं, जिनकी अब तक फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकी है। ऐसे किसानों को 1 अप्रैल से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की किस्त नहीं मिल पाएगी।
उन्होंने बताया कि 15 से 20 हजार किसानों का डाटा पूरी तरह सही है, जबकि लगभग 10 हजार नाम ऐसे हैं जिन्हें लेखपाल द्वारा ठीक कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त 25 से 30 हजार नामों का मैच स्कोर लेखपाल स्तर पर सही किए जाने की प्रक्रिया में है।
बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा पशु एंबुलेंस सेवा की जानकारी दी गई। बताया गया कि बीमार पशुओं के इलाज के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर पशु एंबुलेंस सीधे घर पहुंचकर निःशुल्क उपचार करेगी। यदि किसी कारणवश कॉल कनेक्ट न हो, तो संबंधित ब्लॉक के पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने पर भी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।





