बीएड, एलएलबी व बीए परीक्षाओं में सख्ती, विश्वविद्यालय के निर्देश पर हुई कार्रवाई
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज), गाजीपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीएड विषम सेमेस्टर परीक्षाएं सख्त निगरानी के बीच संचालित की जा रही हैं। परीक्षा के दूसरे दिन गुरुवार को विभिन्न परीक्षाओं के दौरान कुल 24 नकलची पकड़े गए।
गुरुवार को द्वितीय पाली (दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक) में बीएड प्रथम सेमेस्टर द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा संपन्न हुई। इस दौरान कुल 15 परीक्षार्थी अनुचित साधन (यूएफएम) का प्रयोग करते हुए पकड़े गए। पीजी कॉलेज में कुल 23 बीएड कॉलेजों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। बीएड परीक्षा में पंजीकृत 2195 परीक्षार्थियों में 2119 उपस्थित रहे, जबकि 76 अनुपस्थित पाए गए।
प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से निरंतर समन्वय रखा जा रहा है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई तथा मोबाइल, स्मार्टवॉच, पर्स एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।
प्राचार्य की अगुवाई में आंतरिक उड़ाका दल द्वारा सभी परीक्षा कक्षों की गहन जांच की गई। उड़ाका दल में प्रो. (डॉ.) रविशंकर सिंह, प्रो. (डॉ.) वीरेन्द्र कुमार सिंह, प्रो. (डॉ.) संजय चतुर्वेदी, प्रो. (डॉ.) सुजीत कुमार सिंह, डॉ. योगेश, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. गोपाल यादव, डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
इसी क्रम में सुबह की पाली में आयोजित एलएलबी परीक्षा में पंजीकृत 496 परीक्षार्थियों में 411 उपस्थित और 85 अनुपस्थित रहे, जिसमें 6 नकलची पकड़े गए। वहीं बीए परीक्षा में पंजीकृत 604 परीक्षार्थियों में 548 उपस्थित और 56 अनुपस्थित रहे, जिसमें 3 नकलची पकड़े गए।
इस प्रकार गुरुवार को पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुल 24 नकलचियों को पकड़ा गया। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे परीक्षा में किसी भी प्रकार के अनुचित साधन का प्रयोग न करें। पकड़े गए नकलचियों के विरुद्ध विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बताया गया कि नकल करते पकड़े गए कई परीक्षार्थी बिहार के मूल निवासी हैं, जो उत्तर प्रदेश के स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग में संभावित भर्तियों को देखते हुए बड़ी संख्या में छात्र बीएड की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन नकल पर निर्भरता के चलते ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।






