19 अप्रैल से प्रदेशव्यापी पदयात्रा, निष्क्रिय पदाधिकारी हटाए गए
लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को परिषद कार्यालय, 504 शालिग्राम अपार्टमेंट, लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष जे. एन. तिवारी ने की।
बैठक में 20 जनवरी 2026 को आयोजित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन की समीक्षा की गई। अध्यक्ष जे. एन. तिवारी ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रदेशभर के कर्मचारियों, संबद्ध संगठनों और वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार जताया।
संगठनात्मक मजबूती में उत्कृष्ट योगदान के लिए आशा हेल्थ वर्कर एसोसिएशन की अध्यक्ष कुसुमलता यादव, रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष डी. के. त्रिपाठी तथा समाज कल्याण विभाग से सर्वाधिक संख्या में शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए परिषद की महामंत्री अरुणा शुक्ला को पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए निष्क्रिय पदाधिकारियों को उनके पदों से हटाने का निर्णय लिया गया।
अध्यक्ष ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए बताया कि 19 अप्रैल से 30 सितंबर तक प्रदेश के प्रत्येक जनपद में पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा का उद्देश्य कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाना, कर्मचारी–जनता के बीच सकारात्मक संदेश देना तथा यह स्पष्ट करना है कि कर्मचारी जनता के सेवक हैं। पदयात्रा की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होगी और यह आठ चरणों में पूरी की जाएगी।
पदयात्रा के समापन के बाद लखनऊ में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें परिषद की ओर से माननीय मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने का अनुरोध किया जाएगा।
बैठक में उपाध्यक्ष डी. के. त्रिपाठी, महेंद्र सिंह, नितिन गोस्वामी, कुसुमलता यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। कार्यकारिणी द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदन मिला।







