होटल निर्माण के विरोध में बैठक, आंदोलन की चेतावनी
वाराणसी। कमच्छा स्थित थियोसिफिकल सोसायटी के भवन को तोड़कर होटल निर्माण कराए जाने के विरोध में नागर समाज ने कड़ा ऐतराज जताया है। रविवार को काशी हिन्दु विश्वविद्यालय के कला संकाय में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने इसे काशी की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला बताया।
बैठक में डॉ. सूबेदार सिंह ने कहा कि कमच्छा में थियोसिफिकल सोसायटी की पहली भारतीय शाखा वर्ष 1895 में स्थापित हुई थी। स्वतंत्रता सेनानी एनी बेसेंट ने इसी केंद्र के माध्यम से केंद्रीय हिन्दू कॉलेज की स्थापना की, जिसने भारतीय शिक्षा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देशभर के युवाओं में ज्ञान का प्रकाश फैलाया।
डॉ. सूबेदार सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ बिल्डर अवैध तरीके से थियोसिफिकल सोसायटी की शाखा को गिराकर होटल निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह काशी की जनता और देश की गौरवशाली विरासत के साथ खिलवाड़ है। नागर समाज ने सरकार और प्रशासन से निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की।
पूर्व राज्य मंत्री डॉ. बहादुर यादव ने कहा कि बनारस के ऐतिहासिक और प्रेरणास्रोत स्थलों को धनाढ्य वर्ग के हित में तोड़ना काशी और काशीवासियों की भावनाओं पर प्रहार है। कमच्छा स्थित एनी बेसेंट से जुड़ी धरोहर को गिराकर होटल बनाना न केवल अनुचित, बल्कि अपराध है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो काशीवासी थियोसिफिकल सोसायटी को बचाने के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
बैठक में डॉ. शम्मी कुमार, राजेश यादव, शिवांश सिंह, सत्यवीर, आशीष सहित अनेक नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





